Monday, June 18, 2012

दिल जला रहा है।

हमे खबर तो थी की वो मुसाफिर नहीं है ताउम्र के .....
पर यु चुपके से दामन छुडाना दिल जला रहा है।..

2 comments:

amit kalantri said...

बेचैनी का दामन थाम लिया.
आज मैंने उन्हें..... मुस्कराते देख लिया....
खुद को. ....मोहब्बत के जाल में..... फंसा दिया.
...हसरतों को न्योता. .... दे दिया.
खुद की मुस्काराहट को उनके नाम कर दिया.

vishnu-luvingheart said...

Wow.. Nice one Amit