Thursday, February 18, 2010

आपकी दुआ..

ये तो दुआ है लोगों की , की साँसे आ जा रही है....

वरना उसने तो कोई कसर नहीं रखी है....

लोग कहते है ज़िंदा हूँ मैं....

पर हकीक़त तो यह है की जान तो उनमें ही अटक रखी है...

4 comments:

Rekhaa Prahalad said...

bahut khuub.

ज्योति सिंह said...

hame aapki rachna bahut pyari lagi
ये तो दुआ है लोगों की , की साँसे आ जा रही है....sahi baat kahi

ज्योति सिंह said...

hame aapki rachna bahut pyari lagi
ये तो दुआ है लोगों की , की साँसे आ जा रही है....sahi baat kahi

KAVITA RAWAT said...

ये तो दुआ है लोगों की , की साँसे आ जा रही है....
वरना उसने तो कोई कसर नहीं रखी है....
Kabhi-kabhi aisa bhi hota hai, lekin himat se aadmi bahut kuch kar leta hai...
Bahut shubhkamnayne