Monday, July 20, 2009

इत्तेफकान...

रश्क होता है उसकी किस्मत पे....

जिसे तू इत्तेफाक़न ही मिल गई....

सोचता हूँ मैं बैठके ये ...

मेरी कोशिशों में कहाँ कमी रह गई....

1 comment:

Babli said...

बहुत खूब!